सम्‍पोषणीयता
सम्‍पोषणीयता
एचएएल द्वारा अंगीकृत पर्यावरण सुरक्षा एवं संरक्षण / परियोजना संपोषणीयता:
1. वर्ष 2013-14 के दौरान संपोषणीयता संबंधी परियोजनाओं / कार्यकलापों के कार्यान्‍वयन में सफलता की मात्रा के मापन के लिए समझौता करार के भाग के रूप में एचएएल द्वारा सुविधा प्रबंधन प्रभाग, बेंगलूर काम्‍प्‍लेक्‍स नामक दो परियोजनाओं को संपोषणीयता के रूप में अंगीकार किया गया था।  इनके विवरण निम्‍नलिखित हैं:

  •  घटते जलस्‍तर के कारण पानी मूल्‍यवान स्रोत का रूप ले रहा है।  इसे संरक्षित करने के उद्देश्‍य से एचएएल ने अपनी टाउनशिप में छतों पर वर्षा के जल को संरक्षित करने की प्रणाली को अपनाया है।  वर्ष 2013-14 के दौरान पर्याप्‍त वर्षा के कारण एचएएल 2254.61केएल वर्षा जल को सुरक्षित कर पाया जबकि लक्ष्‍य था 700 केएल।  इससे बेंगलूर के शहरी क्षेत्रों में जल भण्‍डारण की समस्‍या को यथोचित रूप से हल किया जा सका है।
  • विद्युत शक्ति की खपत में कमी करना एक दूसरा कार्यकलाप था जिसे संपोषणीयता विकास के अधीन अंगीकार किया गया। ऊर्जा संरक्षण के लिए सौर बत्तियों के उपयोग, अधिक ऊर्जा खपत वाली बत्तियों के स्‍थान पर एलईडी / सीएफएल बत्तियों का इस्‍तेमाल, भट्ठियों को सुव्‍यवस्थित करने जैसे उपाय अपनाए गए हैं।  प्राकृतिक प्रकाश पाने के लिए शॉप फ्‍लोर पर पारदर्शी शीटें लगाई गई हैं, इस प्रकार कम्‍पनी वर्ष 2013-14 के दौरान 12 केडब्‍ल्‍यूएच लाख किलोवाट विद्युत खपत में कमी कर पाई जबकि लक्ष्‍य था 10 लाख केडब्‍ल्‍यूएच।
2. वैश्विक तापन में कमी करने हेतु ग्रीन हाउस गैस के उत्‍सर्जन में कमी उच्‍चतम प्रा‍थमिकता बन चुकी है।  इस संबंध में कम्‍पनी ने 1075 टन सीओ2 कमी का लक्ष्‍य हासिल किया जबकि समझौते ज्ञापन के अनुसार यह लक्ष्‍य था 200 टन और इसे ऊर्जा लेखा परीक्षा से जोड़ा गया है।

3. कम्‍पनी ने संपोषणीयता रिपोर्टिंग और प्रक्रिया तथा पद्धतियों के प्रकटन को मूल्‍यांकन मानदण्‍ड के रूप में अपनाया था। तदनुसार वर्ष 2014 में संपोषणीयता रिपोर्ट जारी की जाएगी।

4. पर्यावरण एवं सतत् पद्धतियों की मान्‍यता के रूप में एचएएल को “ग्‍लोबल ग्रीन अवार्ड-2014” प्रदान किया गया है।  52 देशों में एचएएल ही एक ऐसी कम्‍पनी थी जिसे यह सम्‍मानित पुरस्‍कार बर्लिन, जर्मनी में आयोजित एक समारोह के दौरान एसोसिएशन अदरवेज़ मैनेज़मेंट एण्‍ड कन्‍सल्टिंग (फ्रांस) से प्राप्‍त हुआ।  इसके चयन का मानदण्‍ड सूचना, पोल एवं मत पर आधारित था।  ग्राहक संतुष्टि, नेतृत्‍व, अनवरत शिक्षा एवं प्रशिक्षण, व्‍यावसायिक परिणामों, आईएसओ 9001-14001-22000, समस्‍त गुणता प्रबंधन और उत्‍कृष्‍ट गुणता ग्राहक संतुष्टि मानदण्‍ड जैसी अवधारणाओं पर मेल, इंटरनेट द्वारा यह मतदान प्रक्रिया कराई गई थी।  यह सूचना संचार माध्‍यम परामर्श (मुद्रण एवं इलेक्‍ट्रॉनिक)  परामर्शदात्री कम्‍पनियों, विज्ञापन अभिकरणों, व्‍यापार मेले एवं प्रदर्शनियों, चैम्‍बर ऑफ कामर्स, दूतावासों, पोल्‍स तथा ऑन लाइन मैक्रो पोल के माध्‍यम से एकत्र की गई थी जिसका विश्‍लेषण ग्‍लोबल ग्रीन अवार्ड चयन समिति द्वारा किया गया था।

5. एचएएल ने फाइल, फोल्‍डर और अन्‍य लेखन संबंधी मदों को तैयार करने के लिए कार्यालयों के रद्दी कागजों को प्रक्रमित (प्रोसेसिंग) करने हेतु पेपर रीसाइक्लिंग यूनिट को प्रारंभ किया है।  75 किग्रा रद्दी कागजों को प्रक्रमित करने की क्षमता इस संयंत्र में है।  इस प्रकार वृक्षों के संरक्षण की दिशा में एचएएल द्वारा उठाए गए कदमों में यह एक है।

6. म्‍यूनिसिपल सालिड वेस्‍ट प्रबंधन कार्य के रूप में वर्ष 2012-13 के दौरान बेंगलूर में वरिष्‍ठ अधिकारियों के आवासों में आर्गेनिक वेस्‍ट कन्‍वर्टर की दो इकाइयॉं स्‍थापित की गई हैं।  यह आर्गेनिक वेस्‍ट कन्‍वर्टर रसोई और अन्‍य जैविक अपशिष्‍टों को बागवानी की खाद के रूप में परिवर्तित करेगा।  टाउनशिप में शून्‍य अपशेष निपटान की ओर यह एक कदम है।

7. सालिड वेस्‍ट प्रबंधन की दूसरी पहल के रूप में एचएएल बेंगलूर के सुविधा प्रबंधन प्रभाग द्वारा सेन्‍ट्रल टेस्‍ट हाउस के क्षेत्र में 500 किग्रा/प्रतिदिन और 1000 किग्रा/प्रतिदिन की क्षमता वाली बायो गैस संयंत्र की दो इकाइयॉं लगाई गई हैं।  इससे उत्‍पन्‍न बायो गैस का इस्‍तेमाल खाना पकाने के लिए किया जाता है।

8. कम्‍पनी नवीकरणीय (रिनीवॅबल्‍स) ऊर्जा के महत्‍त्‍व को समझती है और इसको ऊर्जा स्रोत में शामिल करना प्रारंभ कर दिया है।  हमारी नासिक इकाई में 25 किलोवाट वाला सौर-ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है और वर्ष 2014-15 में बेंगलूर में 100 किलोवाट वाले संयंत्र को लगाने की योजना है।  सौर-ऊर्जा वाली बत्तियॉं लगाई गई हैं।  कम्‍पनी कर्नाटक राज्‍य में 5 मेगावाट पवन-शक्ति संयंत्र लगाने के प्रस्‍ताव का मूल्‍यांकन कर रही है।  कम्‍पनी बेहतर ऊर्जा प्रबंधन के माध्‍यम से संपोषणीय भविष्‍य की ओर प्रगतिशील कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।